LPG गैस सिलेंडर फिर महंगे, कमर्शियल सिलेंडर पर ₹115 और घरेलू सिलेंडर पर ₹60 की बढ़ोतरी।
किचन गैस (LPG) सिलेंडर की दामों में फिर से बढ़ोतरी की गई है, यह दामों की बढ़ोतरी 7 मार्च 2026 से लागू की जाएगी। भारत के ऑइल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) द्वारा 14.2 किलो के घरेलू LPG सिलेंडर के दामों में ₹60 की बढ़ेंगी, और 19 किलो के कमर्शियल (Commercial) सिलेंडर के दामों में लगभग ₹115 की बढ़ेंगी।
🔥 नई LPG सिलेंडर की कीमत (लगभग)
| सिलेंडर प्रकार | नई कीमत (लगभग) | वृद्धि |
|---|---|---|
| घरेलू LPG (14.2 kg) | ₹913 (दिल्ली) | +₹60 |
| घरेलू LPG (14.2 kg) | ₹912.50 (मुंबई) | +₹60 |
| घरेलू LPG (14.2 kg) | ₹939 (कोलकाता) | +₹60 |
| घरेलू LPG (14.2 kg) | ₹928.50 (चेन्नई) | +₹60 |
| कमर्शियल LPG (19 kg) | ₹1,883 (दिल्ली) | +₹115 |
| कमर्शियल LPG (19 kg) | ₹1,835 (मुंबई) | +₹115 |
➡️ ध्यान दीजिए इन भावों में राज्य-विशेष VAT और टैक्स के कारण थोड़ा-बहुत अंतर हो सकता है।

क्या आम आदमी और कारोबार इससे प्रभावित होंगे?
🔸 घरेलू खर्च बढ़ेगा: ₹60 की घरेलू सिलेंडर की कीमत में वृद्धि ने आम परिवारों की रसोई की लागत पर सीधा प्रभाव डाला है। यह बढ़ोतरी मध्यम और निम्न आय वर्ग के घरेलू बजट में महंगी साबित हो सकती है।
🔸 कमर्शियल LPG सिलेंडर का उपयोग होता है, जो होटल-रेस्टोरेंट, ढाबों, कैटरिंग और अन्य छोटे व्यवसायों में उपयोग किया जाता है, इससे व्यापारिक खर्च भी बढ़ गया है। ₹115 की बढ़ी कीमत से सभी व्यावसायिक इकाइयों की दैनिक खर्चें बढ़ सकती हैं, जिससे खाने-पीने और सेवाओं की कीमतें बढ़ सकती हैं।
🔸 महंगाई का असर आम उपभोक्ता के अलावा खाद्य पदार्थों और सेवाओं की कीमतों पर भी देखा जा सकता है क्योंकि गैस की लागत बढ़ने से व्यापारिक खर्चों में इजाफा होता है।
क्या उज्ज्वला योजना लाभदायक है?
भारत सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत गरीब और मध्यम आय वाले परिवारों को घरेलू गैस सिलेंडरों पर सब्सिडी मिलती है। अब बढ़ी कीमतें बिजली-गैस खर्च पर असर डालेंगी, लेकिन इस योजना के तहत हर सिलेंडर पर हर वर्ष सब्सिडी का लाभ मिलता है।
निष्कर्ष
LPG सिलेंडर की मूल्यवृद्धि पिछले एक वर्ष में सबसे अधिक है। रसोई खर्च और व्यापार खर्च दोनों में सीधा फर्क दिखेगा, क्योंकि घरेलू सिलेंडर ₹60 महंगे होंगे और कमर्शियल सिलेंडर ₹115 महंगे होंगे। LPG की कीमतों में भविष्य में और भी बदलाव हो सकता है अगर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और मध्य-पूर्व में तनाव जारी रहे।
You can also read this: Click here