NASA का Artemis-II मिशन: 50 साल बाद फिर चंद्रमा की ओर बढ़ते कदम
2 अप्रैल 2026 को Artemis-II मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च किया, जो लगभग 50 वर्षों बाद चंद्रमा की दिशा में भेजा गया पहला मानव मिशन है।
SLS रॉकेट ने फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरी. इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल हैं। यह मिशन 10 दिनों का है।
क्या है Artemis मिशन-

Artemis Program NASA का एक बड़ा अंतरिक्ष कार्यक्रम है, जिसका लक्ष्य है ।
इंसानों को फिर से चंद्रमा पर भेजना है।
चंद्रमा पर लंबे समय तक मानव उपस्थिति को बनाना है और भविष्य में मंगल ग्रह पर जाने की तैयारी करना.यह मिशन कई चरणों में पूरा होगा।
मिशन का लॉन्च, अवधि और वापसी-
NASA ने 2 अप्रैल 2026 को आर्टेमिस 2 मिशन की सफलतापूर्वक लॉन्चिंग की है. फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से भारतीय समयानुसार सुबह 3:54 बजे विशाल SLS रॉकेट ने आसमान में उड़ान भरी. यह लॉन्च पूरी तरह सफल रहा और चारों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित रूप से पृथ्वी की कक्षा में पहुंच गए हैं. आर्टेमिस 2 लैंडिंग मिशन नहीं है. यह 10 दिन का परीक्षण मिशन है. क्रू चांद के बहुत करीब लगभग 9600 तक जाएगा. वे चांद के चारों ओर घूमेंगे और फिर पृथ्वी पर वापस आएंगे. इस दौरान ओरियन कैप्सूल की गहरे अंतरिक्ष में काम करने की क्षमता, जीवन रक्षा प्रणाली, नेविगेशन, कम्युनिकेशन और हीट शील्ड की पूरी जांच की जाएगी. वापसी के समय ओरियन 40 हजार किलोमीटर प्रति घंटा की तेज स्पीड से पृथ्वी के वायुमंडल में दाखिल होगा।
मिशन में शामिल अंतरिक्ष यात्री
| नाम | भूमिका | ऐतिहासिक महत्व |
|---|---|---|
| रीड वाइसमैन | मिशन कमांडर | इस पहले मानवयुक्त आर्टेमिस मिशन का नेतृत्व कर रहे हैं। |
| विक्टर ग्लोवर | पायलट | चंद्रमा मिशन पर जाने वाले पहले अश्वेत अंतरिक्ष यात्री। |
| क्रिस्टीना कोच | मिशन विशेषज्ञ | चंद्रमा के करीब जाने वाली पहली महिला। |
| जेरेमी हैनसेन | मिशन विशेषज्ञ | चंद्रमा मिशन में शामिल होने वाले पहले कनाडाई। |
Artemis मिशनों का क्रम-
Artemis I (2022) – बिना इंसानों वाला परीक्षण मिशन
Artemis II (2026) – इंसानों के साथ चंद्रमा के चारों ओर उड़ान
Artemis III (भविष्य) – इंसानों की चंद्रमा पर लैंडिंग
Artemis IV और आगे – चंद्रमा पर स्थायी स्टेशन बनाना
पृष्ठभूमि-
दरअसल, 1969 से 1972 के बीच NASA के Apollo कार्यक्रम के तहत कई मानव मिशन चंद्रमा पर भेजे गए थे। Apollo-11 मिशन के दौरान नील आर्मस्ट्रॉन्ग और बज़ एल्ड्रिन चंद्रमा की सतह पर कदम रखने वाले पहले इंसान बने थे। इसके बाद कुल 6 मिशनों में अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा पर उतरकर वैज्ञानिक अध्ययन किया। हालांकि 1972 में Apollo-17 मिशन के बाद आर्थिक और तकनीकी कारणों से मानव चंद्रमा मिशन बंद कर दिए गए।
करीब 50 साल बाद NASA ने Artemis कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक की मदद से इंसानों को फिर से चंद्रमा तक पहुंचाना है.इस कार्यक्रम के तहत भविष्य में चंद्रमा पर मानव लैंडिंग, अंतरराष्ट्रीय सहयोग से एक अंतरिक्ष स्टेशन का निर्माण और मंगल ग्रह मिशन की तैयारी करने की योजना है।