Silver Price Today: चांदी में ₹13,000 की तेजी, सोने की कीमत भी बढ़ी

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JIMMC NEWS DESK (AKASH YADAV): भारत के सर्राफा बाजार (Bullion Market) में आज सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त हलचल देखने को मिली। 23 फरवरी 2026 को जारी ताजा बाजार आंकड़ों के अनुसार चांदी के भाव में लगभग ₹13,000 प्रति किलोग्राम की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई, जबकि सोने की कीमतों में भी मजबूत तेजी देखने को मिली।

यह उछाल केवल घरेलू मांग का परिणाम नहीं है, बल्कि वैश्विक आर्थिक संकेत, डॉलर की कमजोरी, औद्योगिक मांग में वृद्धि और सुरक्षित निवेश (Safe Haven Investment) की ओर बढ़ते रुझान का संयुक्त असर माना जा रहा है।

इस रिपोर्ट में हम विस्तार से समझेंगे कि चांदी और सोने के दाम क्यों बढ़े, बाजार किस दिशा में जा रहा है और निवेशकों के लिए आगे क्या रणनीति सही हो सकती है।


चांदी की कीमत में बड़ी उछाल: आज बाजार में क्या हुआ?

आज के कारोबारी सत्र में Silver Price Today ने बाजार को चौंका दिया। Multi Commodity Exchange (MCX) और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारी खरीदारी के कारण चांदी की कीमतों में अचानक तेजी दर्ज हुई।

मुख्य कारण

  • ₹13,000 प्रति किलो तक की मजबूत तेजी
  • औद्योगिक सेक्टर से बढ़ती मांग
  • अमेरिकी डॉलर में कमजोरी
  • कमोडिटी मार्केट में निवेशकों की बढ़ती रुचि

चांदी अब केवल आभूषण धातु नहीं रही। इसका उपयोग तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और सेमीकंडक्टर उद्योग में हो रहा है। ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के विस्तार के साथ चांदी की मांग लगातार मजबूत होती जा रही है।


सोने की कीमतों में मजबूती: सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग

चांदी के साथ-साथ सोने के भाव (Gold Price Today) में भी तेजी देखने को मिली। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के समय निवेशक पारंपरिक रूप से सोने को सुरक्षित निवेश विकल्प मानते हैं।

सोने में तेजी के प्रमुख कारण

  • वैश्विक आर्थिक अस्थिरता
  • ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता
  • केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार सोने की खरीद
  • बढ़ती मुद्रास्फीति (Inflation)

दुनिया भर के केंद्रीय बैंक अपने रिजर्व बढ़ाने के लिए सोना खरीद रहे हैं, जिससे सोने की कीमतों को दीर्घकालिक समर्थन मिल रहा है।


अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर: क्यों बढ़े Gold Silver Price?

भारत में सोना और चांदी की कीमतें सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार से प्रभावित होती हैं।

1. अमेरिकी डॉलर की कमजोरी

जब डॉलर कमजोर होता है, तो कीमती धातुएं सस्ती दिखाई देती हैं और वैश्विक स्तर पर खरीद बढ़ जाती है।

2. फेडरल रिजर्व की नीतियां

ब्याज दरों में बदलाव की संभावनाओं ने निवेशकों को गोल्ड और सिल्वर की ओर आकर्षित किया।

3. भूराजनीतिक तनाव

वैश्विक तनाव के दौरान निवेशक जोखिम वाले निवेश छोड़कर सुरक्षित संपत्तियों में पैसा लगाते हैं।


भारतीय बाजार में मांग क्यों बढ़ी?

भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना और चांदी उपभोक्ता देशों में शामिल है। घरेलू बाजार में भी कई कारणों से कीमतों को समर्थन मिला।

  • शादी और त्योहार सीजन की तैयारी
  • निवेश के रूप में चांदी की बढ़ती लोकप्रियता
  • नए निवेशकों की कमोडिटी मार्केट में एंट्री
  • डिजिटल गोल्ड और ETF निवेश में वृद्धि

अब युवा निवेशक केवल सोने तक सीमित नहीं हैं बल्कि चांदी को High Growth Investment Asset के रूप में देख रहे हैं।


सोना बनाम चांदी: निवेश के लिए क्या बेहतर है?

पहलूसोनाचांदी
स्थिरताअधिकमध्यम
उतार-चढ़ावकमज्यादा
औद्योगिक उपयोगसीमितबहुत अधिक
रिटर्न संभावनास्थिरतेज

चांदी की कीमतें औद्योगिक और निवेश दोनों मांग से प्रभावित होती हैं, इसलिए तेजी के समय इसमें अधिक रिटर्न देखने को मिलता है।


₹13,000 की तेजी क्या संकेत देती है?

यह केवल कीमत बढ़ने की खबर नहीं बल्कि बाजार का बड़ा संकेत है।

इसका अर्थ:

  • कमोडिटी साइकिल मजबूत हो रही है
  • औद्योगिक मांग वास्तविक रूप से बढ़ रही है
  • निवेशक पोर्टफोलियो संतुलित कर रहे हैं
  • मुद्रास्फीति से बचाव की रणनीति सक्रिय है

इतिहास बताता है कि चांदी में ऐसी तेज चाल अक्सर कमोडिटी बुल रन की शुरुआत का संकेत देती है।


निवेशकों के लिए रणनीति: अभी क्या करना सही रहेगा?

1. चरणबद्ध निवेश करें

एक साथ बड़ी राशि निवेश करने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर रणनीति है।

2. निवेश विकल्पों का संतुलन

  • फिजिकल सिल्वर
  • सिल्वर ETF
  • कमोडिटी फ्यूचर्स

3. लंबी अवधि पर फोकस

चांदी का भविष्य औद्योगिक विकास से जुड़ा है, इसलिए लॉन्ग-टर्म निवेश फायदेमंद हो सकता है।

4. पोर्टफोलियो डाइवर्सिफिकेशन

केवल इक्विटी या केवल गोल्ड पर निर्भर रहना जोखिम बढ़ा सकता है।


क्या आगे और बढ़ेंगे सोना-चांदी के दाम?

मौजूदा संकेत बताते हैं:

  • ग्रीन एनर्जी सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है
  • इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन में वृद्धि
  • वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता जारी

इन परिस्थितियों में आने वाले महीनों में Gold Silver Price में और मजबूती देखने की संभावना बनी हुई है।


रुपये और आयात लागत का असर

भारत में कीमती धातुएं आयात होती हैं, इसलिए भारतीय रुपये की स्थिति भी कीमतों को प्रभावित करती है।

  • रुपया कमजोर → सोना-चांदी महंगे
  • रुपया मजबूत → कीमतों पर दबाव

हालिया मुद्रा उतार-चढ़ाव ने घरेलू कीमतों को अतिरिक्त समर्थन दिया है।


टैक्स से जुड़ी जरूरी जानकारी

निवेश करते समय इन बातों का ध्यान रखें:

  • फिजिकल खरीद पर GST लागू
  • कैपिटल गेन टैक्स नियम
  • ETF और डिजिटल गोल्ड के अलग टैक्स नियम

सही टैक्स प्लानिंग से निवेश का वास्तविक लाभ बढ़ाया जा सकता है।


चांदी क्यों बन रही है भविष्य की धातु?

विशेषज्ञों के अनुसार चांदी आने वाले समय की सबसे महत्वपूर्ण धातुओं में शामिल हो सकती है।

कारण:

  • सोलर पैनल निर्माण
  • AI और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग
  • बैटरी और ऊर्जा स्टोरेज तकनीक
  • 5G और हाई-टेक सेक्टर

इसलिए चांदी अब केवल आभूषण नहीं बल्कि तकनीकी विकास की आधार धातु बनती जा रही है।


निष्कर्ष: निवेशकों के लिए बाजार का स्पष्ट संदेश

₹13,000 की तेज बढ़त ने यह संकेत दिया है कि कीमती धातुओं का बाजार नई मजबूती के दौर में प्रवेश कर चुका है। सोना स्थिर सुरक्षा प्रदान कर रहा है, जबकि चांदी उच्च विकास क्षमता के साथ निवेशकों के लिए नया अवसर बनकर उभर रही है।

जो निवेशक सही रणनीति, धैर्य और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाएंगे, वे इस बाजार तेजी का बेहतर लाभ उठा सकते हैं।

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