हिंदी पत्रकारिता को हुए 200 साल पूरे, सीएसजेएम यूनिवर्सिटी में हुआ बड़ा मंथन

JIMMC NEWS DESK( ASTHA BHADOIA): उदंत मार्तंड से शुरू हुई हिंदी पत्रकारिता ने अपने 200 साल का सफर पूरा कर लिया है। इस ऐतिहासिक मौके पर सीएसजेएम यूनिवर्सिटी में हिंदुस्तानी एकेडमी प्रयागराज और रामसहाय राजकीय महाविद्यालय द्वारा दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन हुआ। संगोष्ठी में कई बड़े विद्वानों ने शिरकत की और अपनी बात साफ शब्दों में कही। उन्होंने कहा कि आज संसाधन तो बढ़ गए हैं, लेकिन हिंदी पत्रकारिता की वह पहले जैसी ‘धमक’ कहीं खो गई है।
संगोष्ठी में सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि आज के दौर में मीडिया के सामने बाजारवाद और एआई की बड़ी समस्या है। उन्होंने भविष्य के लिए आगाह करते हुए कहा कि आने वाले समय में एआई तो आगे बढ़ेगा ही, लेकिन अगर इसमें मानवीय संवेदनाएं, नैतिक मूल्य, सत्य और निष्पक्षता ही नहीं बची तो पत्रकारिता अपनी आत्मा खो देगी।
दोपहर तक चले इस सत्र में शोधार्थियों ने ‘क्रांतिकारी पत्रकारिता’ पर अपने विचार पेश किए। अंत में जागरण इंस्टिट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन के छात्र-छात्राओं ने सीएसजेएम में मौजूद सभी शोधार्थियों से बात की, उनमें हिंदी पत्रकारिता के बारे में तमाम प्रश्न पूछे और उनकी बाइट्स लीं।